Shilajit : Health Benefits, Side Effects and Uses

Shilajit : Health Benefits, Side Effects and Uses

शिलाजीत क्या है (What is Shilajit)?

शिलाजीत (Shilajit) भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सबसे महत्वपूर्ण पदार्थों में से एक माना जाता रहा है।

यह एक प्रकार का चिपचिपा पदार्थ है, जो मुख्य रूप से हिमालय की चट्टानों में पाया जाता है। यह सदियों पुराने पौधों के धीमे अपघटन से विकसित होता है। 

शिलाजीत एक मोटा, काले-भूरे रंग का खनिज तारकोल है, जो हिमालय पर्वत की दरारों से गर्मियों में तापमान बढ़ने पर बाहर निकलता है। शिलाजीत विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों का शक्तिशाली स्रोत है, जो सभी प्रकार के मानसिक और शारीरिक रोगों से लड़नें में आपकी मदद करता है।

यह आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं में प्रयोग किया जाता है। शिलाजीत पारंपरिक रूप से भारत और तिब्बत में सोर्स किया गया था, हालांकि अब यह कई अन्य देशों में भी पाया जाता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें (How to Use It) ??

शिलाजीत तरल (liquid) और पाउडर (powder) दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल चावल के आकार के जितना ही करें।

इसकी ज्यादा मात्रा का सेवन आपके लिए हानिकारक है। आप इसे दिन में एक से दो बार (निर्देशों के आधार पर) ले सकते हैं। 

शिलाजीत की खुराक प्रतिदिन 300 से 500 मिलीग्राम बतायी गई है। शिलाजीत लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

आयुर्वेद चिकित्सक इसे गर्म दूध (बकरी का दूध), शुद्ध घी, शहद या तिल के तेल के साथ लेने की सलाह देते हैं।

हालांकि आप इसे हर्बल चाय या पानी के साथ भी उपयोग कर सकते हैं। लेकिन इसके साथ क्लोरीनयुक्त पानी का उपयोग बिलकुल न करें।

शिलाजीत कब लेना चाहिए (When Should Shilajit Take)??

शिलाजीत की खुराक लेने का सबसे अच्छा समय सुबह का है। शिलाजीत को सुबह खाली पेट लेना ज्यादा अच्छा होता है। 

यदि आपको लगता है कि शिलाजीत अत्यधिक ऊर्जा पैदा कर रहा है, तो आप इसे शाम को न लें, क्योंकि इससे कुछ लोगों को नींद आने में कठिनाई हो सकती है।

शिलाजीत के लाभ (Benefits of Shilajit) :

अगर शिलाजीत का उपयोग सही ढंग से किया जाता है, तो यह शरीर के लिए काफी लाभदायक हो सकता है। आइये जानते हैं शिलाजीत के संभावित लाभों के बारे में : 

1. एंटी-वायरस के रूप में :

शिलाजीत में पाए जाने वाले मिनरल्स (minerals) और कम्पाउंड्स (compounds) की विस्तृत श्रृंखला वायरस से लड़ने में मदद करती है।

एक शोध में पाया गया है कि शिलाजीत कुछ हर्पीस वायरस (herpes virus) सहित वातावरण में उपस्थित कई अन्य वायरस से लड़ने और उन्हें मारने में भी सक्षम है।

2. थकावट को कम करने में :

जर्नल ऑफ एथनोफर्माकोलॉजी (Journal of Ethnopharmacology) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शिलाजीत पुरानी थकान (chronic fatigue) के लक्षणों को कम करने में सक्षम है।

शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि शिलाजीत शरीर में उपस्थित सेल्स के कार्यों में सुधार करने में मदद कर सकता है। इस प्रकार यह थकान को कम करता है और ऊर्जा के स्तर में वृद्धि करता है।

3. एंटी-कैंसर के रूप में :

रिसर्च से पता चलता है कि शिलाजीत एक एंटी-कैंसर कारक के रूप में कार्य करता है। एक अध्ययन में पाया गया कि शिलाजीत ने लिवर में उपस्थित कैंसर कोशिकाओं के विनाश में मदद की।

4. मस्तिष्क के सही कार्य संचालन में :

शिलाजीत मस्तिष्क के कार्य संचालन में अहम् भूमिका निभाता है। इसमें पाए जाने वाले कई यौगिक (compounds) मस्तिष्क के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। 

5. दिल के स्वास्थ्य के लिए :

शिलाजीत दिल की रक्षा करने और दिल के स्वास्थ्य सुधार में  मदद करता है।

हाल ही में चूहों पर किये गए एक अध्ययन में शिलाजीत के दिल पर सुरक्षात्मक प्रभावों का उल्लेख किया गया है। शिलाजीत आपके दिल को स्वस्थ्य रखने में मददगार साबित हो सकता है।

6. उम्र को बढ़ाने में :

अध्ययनों से पता चलता है कि शिलाजीत प्रमुख यौगिकों में से एक फोलिक एसिड  एंटीऑक्सीडेंट (Folic acid antioxidants) और एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक (anti-inflammatory compounds) के रूप में कार्य करता है। यह शरीर में सेलुलर क्षति (cellular damage) को कम करने में मदद करता है, जो उम्र बढ़ने के लिए उत्तरदायी है।

7. एनीमिया के खतरे को कम करने में :

एनीमिया (Anemia) रक्त में पर्याप्त हीमोग्लोबिन (hemoglobin) और आयरन (iron) की कमी की वजह से जन्म लेता है।

आयरन की कमी के कई लक्षण हो सकते हैं, जिनमें दिल की अनियमित धड़कन, थकान, कमजोरी, हाथ पैरों का ठंडा होना और सरदर्द शामिल हैं।

शिलाजीत में आर्द्र एसिड (humid acid) और आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इस प्रकार यह आयरन की कमी को दूर कर एनीमिया के इलाज में सहायक है।

8. मोटापा में :

जर्नल ऑफ मेडिसिनल फूड द्वारा कुछ मोटे लोगों पर एक अध्ययन किया गया।

इसमें पाया गया कि जिन लोगों ने शुद्ध शिलाजीत का सेवन किया, उन्होंने शिलाजीत का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में व्यायाम (workout) कहीं बेहतर किया। 

9. प्रजनन क्षमता और टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने में :

प्रजनन क्षमता (sex power) को बढ़ाने में शिलाजीत एक वरदान है। एक अध्ययन में 60 पुरुषों को शिलाजीत का दिन में दो बार 90 दिनों तक सेवन कराया गया।

परीक्षण अवधि के बाद पाया गया कि शिलाजीत का सेवन करने वाले लगभग आधे पुरुषों में शुक्राणुओं (sperm) की संख्या या शुक्राणुओं की अंडाणुओं की ओर गतिशीलता में वृद्धि हुई। 

शिलाजीत का सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (testosterone) के स्तर को बढ़ाने में भी बहुत कारगर है।

महिलाओं के लिए शिलाजीत के लाभ (Benefits of Shilajit for Women) :

A) गठिया (arthritis) के दुष्प्रभावों को कम करता हैshilajit

B) यौन स्वास्थ्य (sexual health) में सुधार करता है

C) जननांग क्षेत्र (genital area) में रक्त प्रवाह (blood circulation) को बढ़ावा देता है

D) बांझपन (infertility) से लड़ने में मदद करता है

E) मासिक धर्म चक्र (menstrual cycle) को नियमित करने में शरीर की सहायता करता है

F) शक्ति को बढ़ावा देता है

G) बालों के झड़ने और झुर्रियों से लड़ने में मदद करता है

शिलाजीत के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Shilajit) :

यदि शिलाजीत का सही तरीके से और सही मात्रा में सेवन किया जाता है, तो इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। परंतु यदि अधिक मात्रा में लिया जाए तो निम्न दुष्प्रभाव होने की संभावना रहती है, जैसे :

1. पेशाब में कमी या वृद्धि
2. पैरों में जलन का अहसास होना
3. एलर्जी

4. शरीर में अत्यधिक गर्मी या उत्तेजना महसूस होना
5. हाथ और पैरों में अधिक गर्मी महसूस होना, आदि

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